कबीर शोध-पीट के माध्यम से तीन पुस्तकों के प्रकाशन का मामला आज सदन में उठा

रायपुर। यह शोध पीठ राज्य के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के अंतर्गत स्थापित है शॉर्ट वीडियो को लेकर भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने प्रश्न किया था प्रश्न के लिखित उत्तर में विभाग की तरफ से बताया गया की 1 वर्ष में कभी सोच पीठ तीन पुस्तकों का लेखन किया गया इसमें संत कबीर का इतिहास संत कबीर का छत्तीसगढ़ और कहत कबीर शामिल है। चंद्राकर ने पूछा की पुस्तकों का प्रकाशन के लिए विभाग में कितना बजट दिया इन पुस्तकों के मुद्रक और प्रशासन कौन है इसके उत्तर में उच्च शिक्षा मंत्री में बताया कि इन पुस्तकों के लिए शासन के द्वारा छपाई के लिए कोई अनुदान नहीं दिया गया है और ना ही शासन के पास इनका कोई रिकॉर्ड है इस पर चंद्राकर ने पूछा तो क्या यह किताबें ऐसी छप गई इस पर मंत्री ने कहा कि मुझे भी लगता है कि यह किताब जादू से छपी होगी नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत ने भी इन किताबों के संबंध में प्रश्न किया और पूछा कि इन किताबों को लिखने वाले विद्वान का नाम क्या है इसके बाद मंत्री अग्रवाल ने कहा कि विभाग इस बात का पता लगे लगाएगी कि यह किताब कैसे छपी।

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