Chhattisgarh Liquor News: रायपुर. छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों की निगरानी में लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों पर आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर जिलों में हुई जांच के दौरान ओवररेटिंग से लेकर अवैध शराब कारोबार से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं. इसके बाद विभाग ने चार आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.
इन मामलों में दो आबकारी उप निरीक्षक, एक प्रभारी जिला आबकारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी और एक अन्य आबकारी उप निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
राजनांदगांव में तय कीमत से ज्यादा में बेची जा रही थी शराब
राजनांदगांव जिले की खुज्जी कंपोजिट मदिरा दुकान में 3 सितंबर को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने औचक जांच की. इस दौरान शराब की बिक्री निर्धारित कीमत से अधिक दर पर किए जाने की पुष्टि हुई.
मामले को गंभीरता से लेते हुए दुकान की प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक तुलेश्वरी देवांगन के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है. विभाग ने इसे अपने क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और नियंत्रण में कमी से जोड़कर देखा है.

महासमुंद में भी ओवररेटिंग का मामला सामने आया
महासमुंद जिले की तुमा डबरी (बेमचा) स्थित शराब दुकान में भी जांच के दौरान तय कीमत से अधिक पर शराब बेचने का मामला सामने आया. औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितता पकड़े जाने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित कर दिया गया.
दोनों निलंबित अधिकारियों का मुख्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग कार्यालय निर्धारित किया गया है.
कांकेर में खाली बोतल, ढक्कन और नकली होलोग्राम मिले
कांकेर जिले में मामला और गंभीर सामने आया. पुलिस ने बसंतनगर क्षेत्र में, नारायणपुर सीमा के पास स्थित एक किराए के मकान पर कार्रवाई की. यहां से बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें, ढक्कन, नकली होलोग्राम और स्टीकर बरामद किए गए.
मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने प्रभारी जिला आबकारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित को निलंबित कर दिया.
इसके अलावा, कांकेर कलेक्टर ने अपने क्षेत्र में निगरानी में लापरवाही और उदासीनता के आरोप में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की है.
तीन जिलों में कार्रवाई से विभाग में हड़कंप (Chhattisgarh Liquor News)
राजनांदगांव और महासमुंद में शराब की ओवररेटिंग, जबकि कांकेर में नकली होलोग्राम और शराब की खाली बोतलों से जुड़े मामले सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की है. लगातार सामने आ रही इन अनियमितताओं के बाद शराब दुकानों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं.


