CG Swine Flu Cases: रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश के कई जिलों से नए मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में ही स्वाइन फ्लू के 26 नए मामले मिले हैं। इसके साथ ही राज्य में अब तक सामने आए मरीजों की संख्या 205 हो गई है।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच कोरोना को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में कोरोना के 4 नए एक्टिव केस सामने आए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
24 घंटे में 26 नए स्वाइन फ्लू मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 12 मरीज रायपुर में मिले हैं। इसके बाद बिलासपुर में 6 और दुर्ग में 4 नए मामले सामने आए हैं। प्रदेश के दूसरे शहरों में भी H1N1 संक्रमण के मरीज मिले हैं।
अब तक राज्य में स्वाइन फ्लू के कुल 205 मामले सामने आ चुके हैं।

रायपुर और दुर्ग-भिलाई में ज्यादा असर
स्वाइन फ्लू का असर खास तौर पर रायपुर और दुर्ग-भिलाई में ज्यादा देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों को सतर्क रहने को कहा है।
अस्पतालों में दवाइयों, जांच और इलाज से जुड़े जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर भी नजर रखी जा रही है।
फिलहाल स्वाइन फ्लू के 57 मरीज एक्टिव हैं। इनमें 13 मरीज घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं, जबकि 44 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- विभाग पूरी तरह तैयार (CG Swine Flu Cases)
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और इलाज के लिए पूरी तैयारी की गई है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी हो तो लापरवाही न करें और समय पर जांच करवाएं।
टीएस सिंहदेव ने बताया, नातिन भी हुई थी संक्रमित
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई शहरों से लगातार H1N1 के मामले सामने आ रहे हैं।
सिंहदेव ने बताया कि उनकी डेढ़ साल की नातिन भी स्वाइन फ्लू से संक्रमित हुई थी। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर सावधानी जरूरी है और समय पर इलाज कराया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में स्वाइन फ्लू पहले की तुलना में उतना घातक नहीं है, लेकिन संक्रमण को हल्के में नहीं लेना चाहिए।


